— लालगोपालगंज कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्र में अकीदत व गम के माहौल में मना मोहर्रम, कई जगह पुलिस की रही मुस्तैदी
लालगोपालगंज। स्थानीय कस्बा व आसपास के इलाकों में मुहर्रम गम और अकीदत के माहौल में मनाया गया। अजादार मातमी जुलूस के साथ ताजिया लेकर कर्बला पहुंचे, जहां ताजियों के फूलों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के साथ पीएसी बल की तैनाती की गई थी। रविवार को मुहर्रम की दसवीं तारीख (आशूरा) को मोहल्ला इमामगंज, खानजहानपुर, जहीदपुर, निंदूरा, रजागंज, बिहरिया, बरना, अंधियारी, पियरी, जानबख्श का पूरा, रजाकपुर, मलाका, बछरौली कैमा आदि समेत करीब पचास की संख्या में अजादारों की ओर से मातमी जुलूस निकाला। हजरत इमाम हुसैन (अलै.) के शैदाई कांधे पर ताजिया उठाए लालगोपालगंज स्थित कर्बला पहुंचे। अंजुमनों ने पुरदर्द अंदाज में नौहाख्वानी किया, जिसपर अजादारों ने सीनाजनी, कमा और जंजीरों से मातम कर करबला में शहीद हजरत मोहम्मद साहब के नवासे व उनके निहत्थे साथियों को खिराजे अकीदत पेश किया गया। कांधा बदलते हुए सभी ताजिया देर शाम कर्बला पहुंची, जहां उस पर चढ़ाए गए अकीदत के फूलों को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।वहीं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि व पूर्व चेयरमैन मुख्तार अहमद, हाजी शौकत हुसैन, फिरोज अख्तर फारुकी, अतहर हुसैन फारुकी, मो. आकिल रंगरेज, मोबीन अहमद, अबरार अहमद, महताब फारुकी, जावेद अंसारी, जव्वार अहमद अंसारी, गुलाम रसूल आदि लोगों मोहर्रम जुलूस की अगुवाई किया। सुरक्षा के मद्देनज़र डीसीपी गंगागनर कुलदीप सिंह गुनावत, एसीपी जंग बहादुर यादव, इंस्पेक्टर नवाबगंज राघवेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी विपिन कुमार पाल भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।




