Home प्रदेश उत्तर प्रदेश की पहली आयुष यूनिवर्सिटी: गोरखपुर में आधुनिक आयुर्वेद और होम्योपैथी का संगम

उत्तर प्रदेश की पहली आयुष यूनिवर्सिटी: गोरखपुर में आधुनिक आयुर्वेद और होम्योपैथी का संगम

by ACNews24
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🕉️ महायोगी गुरु गोरखनाथ या “गोरखनाथ भूमि” की महिमा

गोरखपुर, जो कि महायोगी गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि के नाम से विख्यात है, भारतीय आयुष परंपरा के लिए एक ऐतिहासिक केंद्र रहा है। गोरखनाथ पंथ की ज्ञान-परंपरा में आयुर्वेद, रसशास्त्र व धातु विज्ञान का सशक्त योगदान रहा है। यही शाश्वत विरासत अब आधुनिक आयुष विश्वविद्यालय के रूप में पुनर्जीवित हो रही है, जिसका नाम महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय (MGGAU) रखा गया है।


🎓 MGGAU: निर्माण, विस्तार और संरचना

  • स्थापना: यह राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 6 के माध्यम से दिसंबर 2020 में स्थापित हुआ, और 2021 में इसका नाम गोरखनाथ के नाम पर रखा गया ।
  • पढ़ाई और शोध: BAMS, BHMS, BUMS, MD/MS जैसे पाठ्यक्रमों के साथ यह विश्वविद्यालय आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, सिद्ध, योग–नैचुरोपैथी, नर्सिंग, फार्मेसी व पैरामेडिकल साइंसेज समेत कई विषयों में शिक्षा प्रदान करता है ।
  • विद्यार्थी संख्या: हाल के सत्र में इसमें UG एवं PG के करीब 7,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो 97 संबद्ध कॉलेजों के माध्यम से अध्ययन कर रहे हैं ।
  • प्रारूप एवं सुविधा: 52 एकड़ में फैले इस परिसर में आडिटोरियम (1,500 सीट), OPD/IPD ब्लॉक्स, पंचकर्म केंद्र, हॉस्टल, प्रशासनिक भवन और योग भवन जैसी सुविधाएं शामिल हैं ।

🏛️ राष्ट्रपति का लोकार्पण एवं सीएम की संकल्पना

30 जून – 1 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया, जबकि इसका शिलान्यास 28 अगस्त 2021 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ही किया था ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन से पहले साइट इन्स्पेक्शन, सुरक्षा और निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए इसे “राज्य का सपना” बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हेल्थ टूरिज्म का केंद्र बनेगा और हर जनपद में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा ।


🌍 हेल्थ टूरिज्म: UP को नया मुकाम

हेल्थ टूरिज्म उत्तर प्रदेश के लिए एक विशाल अवसर है। महामारी के बाद आयुष पद्धतियों की स्वीकार्यता औषधीय बाजार को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले गई है: वर्ष 2014 से 2024 में आयुष बाजार 2.85 अरब से बढ़कर 43.4 अरब डॉलर हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आयुष विश्वविद्यालय से 100-बेडेड हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर हर जनपद में खुलेगा — जो पंचकर्म, क्षारसूत्र और अन्य प्रक्रियाएँ सुविधा प्रदान करेंगे ।


👨‍🌾 ग्रामीण विकास: वन विलेज, वन मेडिसिनल प्लांट

MGGAU के उद्घाटन समारोह में “वन विलेज, वन मेडिसिनल प्लांट” योजना का उद्घोष हुआ, जिससे स्थानीय किसान औषधीय खेती के माध्यम से रोजगार पा सकेंगे। इससे ना केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि औषधीय प्लांट आधारित MSME, पैकेजिंग यूनिट्स जैसी संसाधन‑केंद्रित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा ।


👩‍🎓 शिक्षा व व्यावसायिक अवसर

  • NEET-UG और AIAPGET के माध्यम से प्रवेश—BAMS, BHMS, MD/MS जैसे कोर्सेज़ उपलब्ध।
  • लगभग 7,000 छात्रों का UG+PG में नामांकन (97 कॉलेजों की संबद्धता)
  • OPD सेवाएँ फरवरी 2023 से सक्रिय: अब तक लगभग 1 लाख मरीज लाभान्वित हो चुके हैं, औसतन 300 मरीज प्रतिदिन समीक्षा केंद्रित सेवाएँ प्राप्त करते हैं ।
  • वरिष्ठ अकादमिक सुविधाएं जैसे योग कार्यशालाएं, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संवाद आयोजित होते रहते हैं ।

🚨 निर्माण कार्य एवं तैयारी

  • जून 2025 में CM ने कार्य पूर्णता हेतु 22 जून का लक्ष्य तय किया और 95‑96% काम पूरा कराया ।
  • सुरक्षा, साफ-सफाई, पानी-पार्किंग व्यवस्था, कैंपस मॉडल प्रस्तुतिकरण जैसे तैयारियां राष्ट्रपति के दौरे के आधार पर की गईं ।

🔍 शोध-केंद्रित गतिविधियाँ

विश्वविद्यालय, BAMS इत्यादि पैरामीडिकल कोर्सेस के साथ साथ उत्तर प्रदेश को “नॉलेज सिटी” बनाने की योजना पर कार्य कर रहा है। 2032 तक इसे एक प्रमुख शिक्षा-स्वास्थ्य हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है ।


🧩 सारांश: एकीकृत दृष्टिकोण

MGGAU क्षितिज पर कई दृष्टियों को संगठित कर रहा है:

  • आयुष विश्वविद्यालय के माध्यम से आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी और योग में गुणवत्ता‑उन्मुख शिक्षा।
  • हेल्थ टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना—हर्बल चिकित्सा, पंचकर्म व स्थानीय मुद्रा उपायों के साथ वैश्विक मरीजों को आकर्षित करना।
  • ग्रामीण रोजगार व उद्यम—औषधीय खेती, MSME केंद्र, पर्यटन‑आधारित रोजगार स्थानीय स्तर पर सृजित करना।
  • सम्पूर्ण स्वास्थ्य सेवा—OPD/IPD, पंचकर्म केंद्र, वेलनेस सेंटर के सञ्चालन से नागरिकों को लाभ पहुँचाना।

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